No. 51 punya-prakashanun-stavan पुण्य प्रकाशनुं स्तवन जैन स्तवन
पुण्य प्रकाशनुं स्तवन का संपूर्ण पाठ पढ़ें। इस जैन स्तवन में चौबीस तीर्थंकरों की वंदना, भगवान महावीर, गौतम स्वामी, सम्यक आराधना, चार शरण और नवपद जाप का वर्णन है। जैन धर्म के धार्मिक स्तवन और भक्ति साहित्य के लिए JainTarang.com पर पढ़ें। पुण्य प्रकाशनुं स्तवन punya-prakashanun-stavan :: दुहा :: सकलसिद्धिदायक सदा, चोवीशे जिनराय; सद्गुरु स्वामिनी

