No. 43 Jwalamalini Stotram ज्वालामालिनीस्तोत्रम्
ज्वालामालिनीस्तोत्रम् Jwalamalini Stotram श्री मदैत्योरगेन्द्रामरमुकुटतटालीढपादारविन्दे मद्यन्मातंग-कुम्भस्थलदलनपटु श्रीमृगेन्द्राधिरूढे । ज्वालामालाकराले शशधरधवले पद्मपत्रायताक्षि ज्वाला-मालिन्यभीक्ष्णं प्रहसितवदने रक्ष मां देवि नित्यम् 1 ॐ व्हाँ व्हीं हूं व्हौं व्हः महाच्छेक्षणरुचिरुचिरांगांगदे देवि वंमं हं सं तं पं बीजमंत्रैः कृतसकलजगत्लेमरक्षे विधाने । क्षां क्षीं क्षूं क्षें समस्ते क्षितितलमहिते ज्वालिनि रौद्रमूर्ते क्षैं क्षों क्षौं क्षं क्षः क्षिबीजैर्विहितदशीदशाबन्धने रक्ष


