Shree Bruhad Uvasaggaharam Stotra

016 Shree Bruhad Uvasaggaharam Stotra श्री बृहद् उवसग्गहरं स्तोत्र

श्री बृहद् उवसग्गहरं स्तोत्र यह सभी प्रकार के उपसर्ग को दूर करने वाला महाप्रभविक श्री बृहद् उवसग्गहरम् स्तोत्र (Shree Bruhad Uvasaggaharam Stotra )है। यह स्तोत्र दो विभाग में विभाजित है। बृहद और लघु बृहद् 27 श्लोक प्रमाण है,एवं लघु 5 श्लोक प्रमाण है। श्लोक नम्बर 15 और 16 ने कहा है श्री पार्श्वनाथ भगवान के

Shree Shantinath Stotra

015 Shree Shantinath Stotra श्री शान्तिनाथ स्तोत्र

प्रस्तुत श्री शांतिनाथ स्तोत्र (Shree Shantinath Stotra) में 16 विद्या देवी 64 इंद्र जया विजया विद्यादेवियों से जीवन में शांति तुष्टि और शांति प्रदान करने की प्रार्थना की गई है। श्री शांतिनाथ भगवान के इस स्तोत्र के पाठ से ज्वर भगंदर,खांसी,दमा,अन्य भयंकर बीमारियाँ या व्याधियां नहीं आती है। भय और उपद्रव का निवारण होता है। दुष्ट

012 Shree Bruhadshanti

012 Shree Bruhadshanti श्री बृहद्शांति

                      श्री बृहद्शांति Shree Bruhadshanti बृहद्‌शांति (Shree Bruhadshanti) स्नात्र एवम् पूजनो केअंत में, अंजनशलाका प्राणप्रतिष्ठा जैसे परम मांगलिक विधानों में इसकी प्रधान भूमिका होती है.इसमें चतुर्विध श्रीसंघ एवम् समस्त ब्रह्माण्ड के शांति की कामना की जाती है. इस स्तोत्र के पठन से 24 तीर्थंकर एवम्

Shree Jirawala Parshwanath Stotra

010 Shree Jirawala Parshwanath Stotra-श्री जीरावल्ला पार्श्वनाथ स्तोत्र

अट्टे मट्टे आदि परम प्रभाविक मंत्र से पूर्ण श्री जीरावल्ला पार्श्वनाथ स्तोत्र (Shree Jirawala Parshwanath Stotra-) की रचना महान मंत्रवेत्ता श्री मेरुतुंग सूरीजी महाराज [अचलगच्छाचार्य] ने की थी इस स्तोत्र के अनेक प्रभाव है। इसमे जैनधर्म के 23 वें तीर्थंकर श्री जीरावल्ला पार्श्वनाथ भगवानकी विशेष तोर से स्तवना की गई है इस स्तोत्र की पूर्ण