No. 55 दीठी हो प्रभु दीठी जगगुरु तुज रे…..deethi ho prabhu deethi jagaguru tuj re
दीठी हो प्रभु दीठी जगगुरु तुज रे….. deethi ho prabhu deethi jagaguru tuj re…. (राग : तुं मने भगवान…. आंखडी मारी… प्रीतलडी बंधाणीरि जिनराज…/ अपूर्व अवसर…) दीठी हो प्रभु दीठी जगगुरु तुज रे, मूरति हो प्रभु मूरति मोहनवेलडी जी; मीठी हो प्रभु मीठी ताहरी वाण रे, लागे हो प्रभु लागे जैसी शेलडीजी. ॥१॥ जाणं हो




