Shree Chandraprabha Vidhya Stavah

No. 21 Shree Chandraprabha Vidhya Stavah श्री चंद्रप्रभ विद्या स्तवः

श्री चंद्रप्रभ विद्या स्तवः Shree Chandraprabha Vidhya Stavah ॐ चंद्रप्रभ। प्रभाधीश। चंद्रशेखरचंद्रभूः ।  चंद्रलक्ष्माङ्क। चंद्राङ्ग। चंद्रबीज । नमोस्तुते …..१ ॐ ह्रीं श्रीं अर्हं श्री चंद्रप्रभ ! ह्रीं श्रीं कुरु कुरु स्वाहा।  इष्टसिद्धि-महासिद्धितुष्टिपुष्टिकरो भव…२ द्वादशसहस्रजप्तो वांछितार्थ फलप्रदः।  महित्वा त्रिसंध्यं जापो, सर्वाधिव्याधिनाशनः ……३ सुरासुरेन्द्रमहितः, श्री पांडवनृपस्तुतः  श्री चंद्रप्रभतीर्थेशः, श्रियं चंद्रोज्जवलां कुरु…..४ श्री चंद्रप्रभविद्येयं, स्मृता सद्यं फला मता।

Mahamantragarbhita Shri Kalikund Parshwanath Stotram

No. 18 Mahamantragarbhita Shri Kalikund Parshwanath Stotram – महामंत्रगर्भित श्री कलिकुंड पार्श्वनाथ स्तोत्रम् पाठ और लाभ

महामंत्रगर्भित श्री कलिकुंड पार्श्वनाथ स्तोत्रम्  Mahamantragarbhita Shri Kalikund Parshwanath Stotra : महामंत्रगर्भित श्री कलिकुंड पार्श्वनाथ स्तोत्रम् इस स्तोत्र का पाठ भक्त यदि नित्य करता है तो वह दीर्घायु,आरोग्य, ऐश्वर्य,एवं इष्ट कामना की सिद्धि प्राप्त करता है। यह अत्यंत प्रभाव विविध बिजाक्षरों से भरपूर स्तोत्र है। इस स्रोत के प्रभाव से भयंकर शत्रुओं के भय,डाकिनी-शाकिनी के उपद्रव,प्रबल